09

तूफान की शुरुआत

झील के ऊपर धीरे-धीरे कोहरा और घना होने लगा था।

बारिश लगभग रुक चुकी थी, लेकिन पेड़ों की पत्तियों से गिरती बूंदें अभी भी हल्की आवाज कर रही थीं।

रिया और आरव अभी भी झील के किनारे बैठे थे।

उन दोनों को लग रहा था कि जैसे समय कुछ देर के लिए रुक गया हो।

रिया की उंगलियाँ अभी भी पानी में थीं।

पानी की लहरों में चाँद की परछाई टूट-टूट कर चमक रही थी।

रिया धीरे से मुस्कुराई।

“आज की रात अजीब है।”

आरव ने पूछा —

“अच्छे तरीके से या बुरे तरीके से?”

रिया ने हल्का सोचा।

“शायद दोनों।”

फिर उसने उसकी तरफ देखते हुए कहा —

“लेकिन मुझे यह पसंद है।”

आरव उसे देखता रहा।

उसके चेहरे पर हल्की बारिश की बूंदें अभी भी चमक रही थीं।

उस पल उसे अचानक एहसास हुआ —

कि वह सच में रिया को खोना नहीं चाहता।

पहले कभी उसने ऐसा महसूस नहीं किया था।

लड़ाई।

मिशन।

अंधेरे के खिलाफ युद्ध।

उसकी पूरी जिंदगी बस इन्हीं चीजों में बीती थी।

लेकिन अब…

सब कुछ बदल रहा था।

रिया ने अचानक पूछा —

“तुम क्या सोच रहे हो?”

आरव थोड़ा चौंका।

“कुछ नहीं।”

रिया मुस्कुराई।

“फिर झूठ।”

आरव हँस पड़ा।

“तुम बहुत जल्दी समझने लगी हो।”

रिया ने मजाक में कहा —

“शायद इसलिए क्योंकि मैं तुम्हें पसंद करती हूँ।”

यह सुनकर आरव फिर चुप हो गया।

उसके दिल में अजीब-सी गर्माहट फैल गई।

लेकिन उसी समय…

हवा अचानक बदल गई।

एक ठंडी लहर पूरे जंगल में फैल गई।

आरव तुरंत सतर्क हो गया।

उसने सिर उठाया।

“तुमने महसूस किया?”

रिया ने भी महसूस किया।

“हाँ…”

उसकी आवाज हल्की घबराई हुई थी।

“यह वही ऊर्जा है?”

आरव ने धीरे से कहा —

“नहीं।”

रिया ने पूछा —

“तो क्या है?”

आरव खड़ा हो गया।

उसकी आँखें जंगल की तरफ थीं।

“कुछ और।”

अचानक…

जंगल के अंदर कहीं दूर से एक तेज आवाज आई।

जैसे कोई चीज टूट गई हो।

रिया तुरंत खड़ी हो गई।

“यह क्या था?”

आरव ने बिना जवाब दिए उसका हाथ पकड़ लिया।

“चलो।”

“कहाँ?”

“यहाँ से दूर।”

लेकिन इससे पहले कि वे आगे बढ़ते —

अचानक झील का पानी हिलने लगा।

रिया रुक गई।

“आरव…”

“मैं देख रहा हूँ।”

पानी के बीच में गोल-गोल लहरें बनने लगीं।

फिर अचानक…

पानी के बीच से काला धुआँ उठने लगा।

रिया की आँखें फैल गईं।

“यह क्या है?!”

आरव की आवाज गंभीर हो गई।

“कोई पोर्टल।”

“पोर्टल?”

लेकिन इससे पहले कि वह कुछ और पूछती —

पानी के बीच से एक आकृति उभरी।

एक आदमी।

पूरी तरह काले कपड़ों में।

उसकी आँखें लाल चमक रही थीं।

रिया का दिल तेजी से धड़कने लगा।

“यह…”

आरव ने धीरे से कहा —

“नॉक्टस का दूत।”

वह आदमी धीरे-धीरे पानी से बाहर आया।

लेकिन उसके पैरों से पानी की कोई आवाज नहीं आई।

जैसे वह जमीन को छू ही नहीं रहा था।

उसने हल्की मुस्कान के साथ कहा —

“आखिरकार…”

उसकी आवाज गहरी और डरावनी थी।

“हम मिल ही गए।”

आरव तुरंत उसके सामने आ गया।

“रिया पीछे रहो।”

रिया पीछे हटी।

लेकिन उसकी आँखें उस आदमी पर ही थीं।

उस आदमी ने हँसते हुए कहा —

“इतना प्रोटेक्टिव।”

फिर उसने रिया की तरफ देखा।

“नॉक्टेरिस सही था।”

रिया का दिल धड़क उठा।

“क्या?”

आदमी बोला —

“दिल… इंसान को कमजोर बना देता है।”

आरव की आँखों में गुस्सा चमक उठा।

“तुम यहाँ क्यों आए हो?”

आदमी मुस्कुराया।

“तुम्हें एक संदेश देने।”

“किसका?”

“नॉक्टेरिस का।”

रिया का दिल एक पल को रुक गया।

आदमी ने धीरे-धीरे कहा —

“उसने कहा है… खेल अब शुरू हो चुका है।”

जंगल की हवा अचानक और ठंडी हो गई।

रिया ने महसूस किया कि उसके अंदर की शक्ति हल्की-सी कांप रही है।

यह वही अंधेरा था…

जिससे वह कई दिनों से लड़ रही थी।

आदमी ने हाथ उठाया।

उसकी उंगलियों के बीच काला धुआँ घूमने लगा।

“और पहला कदम…”

उसने मुस्कुराकर कहा —

“तुम हो।”

रिया चौंक गई।

“मैं?”

लेकिन इससे पहले कि वह समझ पाती —

वह आदमी अचानक गायब हो गया।

आरव तुरंत मुड़ा।

“रिया सावधान!”

लेकिन देर हो चुकी थी।

वह आदमी अचानक रिया के पीछे प्रकट हुआ।

उसने उसकी कलाई पकड़ ली।

रिया ने चीख मारी —

“आरव!”

आरव बिजली की तरह उसकी तरफ दौड़ा।

लेकिन उसी समय —

उस आदमी ने अपनी हथेली से काली ऊर्जा छोड़ी।

एक जोरदार धमाका हुआ।

आरव पीछे फेंक दिया गया।

रिया की आँखों में डर भर गया।

“आरव!”

आदमी ने उसके कान के पास झुककर धीरे से कहा —

“डरो मत।”

“तुम्हारी कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।”

रिया ने पूरी ताकत से उसे धक्का दिया।

और उसी पल —

उसकी आँखें अचानक चमक उठीं।

नीली रोशनी।

एक जोरदार ऊर्जा विस्फोट हुआ।

आदमी कुछ कदम पीछे हट गया।

उसने हैरानी से कहा —

“ओह…”

“तो शक्ति जाग चुकी है।”

रिया खुद भी हैरान थी।

उसके हाथों से हल्की नीली रोशनी निकल रही थी।

आरव फिर खड़ा हो चुका था।

उसने तलवार निकाल ली।

“उससे दूर रहो!”

आदमी हँस पड़ा।

“बहुत देर हो चुकी है।”

फिर उसने आसमान की तरफ देखा।

“क्योंकि अब…”

उसकी आँखें चमक उठीं।

“अंधेरा जाग चुका है।”

अचानक पूरे जंगल में काली ऊर्जा फैल गई।

पेड़ हिलने लगे।

झील का पानी उबलने लगा।

रिया ने डरकर कहा —

“यह क्या हो रहा है?!”

आरव ने धीमी आवाज में कहा —

“नॉक्टेरिस…”

और उसी समय —

आसमान में काले बादल घूमने लगे।

उनके बीच से एक विशाल छाया दिखाई दी।

रिया की सांस रुक गई।

“वह…”

आरव की आवाज धीमी हो गई।

“यह असली युद्ध की शुरुआत है।”

और दूर…

अंधेरे में खड़ी नायरा यह सब देख रही थी।

उसकी आँखों में हल्की नमी थी।

लेकिन उसने खुद को मजबूत किया।

“माफ करना रिया…”

उसने धीरे से कहा।

“लेकिन दुनिया को बचाने के लिए…”

उसकी मुट्ठी में पकड़ा काला क्रिस्टल और चमकने लगा।

“तुम्हें टूटना पड़ेगा।”

और उसी पल —

आसमान में बिजली चमकी।

और झील के बीच से कुछ बहुत बड़ा उभरने लगा।

कुछ ऐसा…

जो इस दुनिया का नहीं था।

रिया की आँखें डर से फैल गईं।

“आरव…”

आरव ने तलवार कसकर पकड़ी।

“तैयार रहो।”

क्योंकि आज की रात…

उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदलने वाली थी।

और शायद…

उनका प्यार भी।

Write a comment ...

Write a comment ...