
रात अभी खत्म नहीं हुई थी।
पुरानी लाइब्रेरी के अंदर अजीब-सी खामोशी छाई हुई थी। टूटी हुई खिड़कियों से आती ठंडी हवा पुराने पन्नों को हिला रही थी। हर तरफ धूल उड़ रही थी, और अभी कुछ देर पहले हुई लड़ाई के निशान हर जगह दिखाई दे रहे थे।

रात अभी खत्म नहीं हुई थी।
पुरानी लाइब्रेरी के अंदर अजीब-सी खामोशी छाई हुई थी। टूटी हुई खिड़कियों से आती ठंडी हवा पुराने पन्नों को हिला रही थी। हर तरफ धूल उड़ रही थी, और अभी कुछ देर पहले हुई लड़ाई के निशान हर जगह दिखाई दे रहे थे।
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