
पुरानी लाइब्रेरी के अंदर हवा अचानक भारी हो गई थी।
टूटी खिड़कियों से आती ठंडी हवा पुराने पन्नों को हिला रही थी। चारों तरफ धूल उड़ रही थी, जैसे यह जगह कई सालों से किसी का इंतज़ार कर रही हो।

पुरानी लाइब्रेरी के अंदर हवा अचानक भारी हो गई थी।
टूटी खिड़कियों से आती ठंडी हवा पुराने पन्नों को हिला रही थी। चारों तरफ धूल उड़ रही थी, जैसे यह जगह कई सालों से किसी का इंतज़ार कर रही हो।
Write a comment ...
Write a comment ...